जबलपुर। परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक और चर्चित धनकुबेर मामले के आरोपी सौरभ शर्मा ने अपनी पत्नी के उपचार के लिए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में 60 दिनों की अस्थायी (अंतरिम) जमानत की मांग की है। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। माना जा रहा है कि अदालत जल्द ही इस संबंध में फैसला सुना सकती है।
पत्नी के इलाज का दिया हवाला
जस्टिस विशाल मिश्रा की वेकेशन बेंच के समक्ष दायर आवेदन में सौरभ शर्मा ने अपनी पत्नी दिव्या तिवारी के इलाज की आवश्यकता का हवाला देते हुए 60 दिनों की अस्थायी जमानत देने का अनुरोध किया है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सौरभ शर्मा की ओर से अधिवक्ता मनु माहेश्वरी और ED की ओर से अधिवक्ता विक्रम सिंह की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निर्णय सुरक्षित रख लिया।
छापेमारी में मिला था करोड़ों का कैश और सोना
गौरतलब है कि 17 दिसंबर 2024 को सौरभ शर्मा से जुड़े ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई शुरू की गई थी। जांच एजेंसियों को उसके निवास से करोड़ों रुपये नकद और लगभग दो क्विंटल चांदी की सिल्लियां मिली थीं। वहीं उसके एक करीबी सहयोगी की कार से 54 किलोग्राम सोना तथा 10 करोड़ रुपये से अधिक नकदी बरामद होने का दावा किया गया था।
कई एजेंसियां कर रही हैं जांच
मामले की जांच आयकर विभाग, लोकायुक्त संगठन, डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और ग्वालियर पुलिस द्वारा की जा रही है। मामले में विभिन्न पहलुओं की जांच अभी भी जारी है।
पहले खारिज हो चुकी है नियमित जमानत
सौरभ शर्मा को दो प्रकरणों में 10 फरवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्होंने नियमित जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन 27 सितंबर 2025 को उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी। इसके बाद अब उन्होंने पत्नी के उपचार को आधार बनाते हुए अंतरिम जमानत के लिए नई याचिका दायर की है।
क्या होगा आगे?
हाईकोर्ट द्वारा आदेश सुरक्षित रखे जाने के बाद अब सभी की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं। यदि अदालत चिकित्सा आधार को पर्याप्त मानती है तो सौरभ शर्मा को सीमित अवधि के लिए अंतरिम जमानत मिल सकती है, अन्यथा उनकी याचिका निरस्त भी की जा सकती है।
