LAW'S VERDICT

साल की दूसरी लोक अदालत में 439 करोड़ के अवार्ड हुए पारित

एमपी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने किया राष्ट्रीय लोक अदालत का वर्चुअल उद्घाटन, 1.13 लाख से ज्यादा मामलों का निराकरण

जबलपुर। मध्य प्रदेश में शनिवार को आयोजित साल की दूसरी नेशनल लोक अदालत में  1 लाख 13 हजार 922 केसों (36468 लंबित एवं 77454 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों) का सौहार्दपूर्ण निराकरण किया गया तथा लगभग ₹4.39 अरब की राशि के अवार्ड पारित हुए। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा ने इस लोक अदालत का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत नागरिकों को त्वरित, सुलभ और सौहार्दपूर्ण न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन मुख्य न्यायाधीश श्री सचदेवा तथा जस्टिस विवेक रूसिया के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश में किया गया।

पहली लोक अदालत में 1.88 लाख मामलों का हुआ था निराकरण

मुख्य न्यायाधीश ने अपने संबोधन में बताया कि वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत में लगभग 1.88 लाख प्री-लिटिगेशन एवं लंबित मामलों का निराकरण हुआ था और ₹70 करोड़ से अधिक राशि के अवार्ड पारित किए गए थे। उन्होंने कहा कि लोक अदालतें न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ कम करने के साथ-साथ सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देती हैं।

उन्होंने न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, विधिक सेवा प्राधिकरणों, बैंकों, बीमा कंपनियों और शासकीय विभागों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वैकल्पिक विवाद निवारण प्रणाली को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है ताकि न्याय समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

1467 खंडपीठों में हुई सुनवाई

शनिवार को आयोजित हुई इस राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान पूरे मध्यप्रदेश में कुल 1467 खंडपीठों का गठन किया गया। इनमें मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की प्रधान पीठ जबलपुर और इंदौर एवं ग्वालियर खंडपीठों में 8 खंडपीठें तथा जिला एवं तहसील स्तर पर 1459 खंडपीठें शामिल रहीं।

उच्च न्यायालय स्तर पर माननीय न्यायाधीशों ने स्वयं कार्यवाही की अध्यक्षता की, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में उच्चस्तरीय सहभागिता सुनिश्चित हुई।

1.13 लाख से ज्यादा मामलों का निराकरण

प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय लोक अदालत में 36,468 लंबित मामलों और 77,454 प्री-लिटिगेशन मामलों सहित कुल 1,13,922 प्रकरणों का सौहार्दपूर्ण निराकरण किया गया। साथ ही लगभग ₹439 करोड़ से अधिक राशि के अवार्ड पारित किए गए।

लोक अदालत में रिट याचिकाएं, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, वैवाहिक विवाद, बैंक रिकवरी मामले, चेक बाउंस केस, श्रम विवाद, आपराधिक शमनीय प्रकरण और बिजली बिल संबंधी मामलों सहित विभिन्न श्रेणियों के मामलों का निराकरण किया गया।

21 से 23 अगस्त तक आयोजित होगा “समाधान समारोह”  

जस्टिस विवेक रूसिया ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत समयबद्ध और सरल न्याय उपलब्ध कराने की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत और “समाधान समारोह” की भी जानकारी दी।

वर्चुअल कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी हुए शामिल

कार्यक्रम में अतिरिक्त महाधिवक्ता बी.डी. सिंह, उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अमित जैन, वरिष्ठ अधिवक्ता उमाकांत शर्मा सहित कई न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, मध्यस्थ और विधिक सेवा प्राधिकरणों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

कार्यक्रम का संचालन अर्चना सिंह ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सुमन श्रीवास्तव द्वारा किया गया।

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