244 मतदान केन्द्रों पर होगी वोटिंग, जबलपुर में हाईकोर्ट साउथ ब्लॉक और जिला न्यायालय पार्किंग में मतदान, 16 जून से शुरू होगी वोटों की गिनती
जबलपुर। Madhya Pradesh State Bar Council की नई कार्यकारिणी के गठन के लिए मंगलवार को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। इस बार चुनाव में प्रदेशभर के 87,441 अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव के लिए पूरे प्रदेश में कुल 244 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं, जबकि 122 उम्मीदवार मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वोटों की गिनती का काम 16 जून से शुरू होगा।
इस चुनाव में 18 पुरुष और 5 महिला उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इसके अलावा 2 महिला सदस्यों को बाद में को-ऑप्शन के जरिए मनोनीत किया जाएगा। इस प्रकार कुल 25 सदस्यीय नई कार्यकारिणी गठित होगी।
मुख्य चुनाव अधिकारी रिटायर्ड जस्टिस एसके पालो, सहायक चुनाव अधिकारी जीएस बघेल और दीपक अवस्थी ने बताया कि मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जबलपुर के अधिवक्ता Madhya Pradesh High Court के साउथ ब्लॉक और जिला न्यायालय परिसर की बेसमेंट पार्किंग में मतदान करेंगे। अधिवक्ताओं से परिचय पत्र साथ लाने की अपील की गई है।
मतदान अधिकारियों की हुई नियुक्तियां
मुख्य चुनाव अधिकारी जस्टिस एसके पालो ने चुनाव के मप्र शासन में 9 शासकीय अधिवक्ताओं को सहायक मतदान अधिकारी बनाया है। मुख्यपीठ जबलपुर के लिए शासकीय अधिवक्ता अजय शुक्ला, सीएम तिवारी, मानस मणि वर्मा, इंदौर के लिए तरुण पगारे, राहुल सोलंकी, गौरव रावत और ग्वालियर के लिए सीपी सिंह, ब्रजेश त्यागी और कल्पना परमार को सहायक मतदान अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Gen-Z उम्मीदवारों पर टिकी सबकी नजर
इस बार चुनाव में युवा अधिवक्ताओं की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। करीब 5 वर्ष की कम प्रैक्टिस वाले 9 युवा उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संपर्क के जरिए व्यापक प्रचार अभियान चलाया है।
सबसे चर्चित चेहरा विधि सिंह परिहार का माना जा रहा है, जिन्हें विंध्य और महाकौशल क्षेत्र में अच्छा समर्थन मिल रहा है। युवा उम्मीदवारों में अन्नू पटेल (सिंगरौली), रघुवंश प्रसाद पाण्डेय (जबलपुर), अपूर्वा सिंह (भोपाल), बृजेन्द्र देव पाण्डेय (बैढ़न), अवधेश कुमार त्यागी (जबलपुर), निकिता जैन (ग्वालियर), रेखा बोरीवाल (इन्दौर) और प्रतीका पाठक (ग्वालियर) के नाम भी चर्चा में हैं।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: “चुनाव में कोड ऑफ कंडक्ट ही नहीं”
वहीं चुनाव प्रचार के दौरान कोर्ट परिसरों की दीवारों पर पोस्टर और प्रचार सामग्री लगाए जाने को लेकर Madhya Pradesh High Court ने कड़ी नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस Sanjeev Sachdeva और जस्टिस Vinay Saraf की डिवीजन बेंच ने सोमवार को एक मामले पर सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि बार काउंसिल चुनाव के लिए कोई आचार संहिता ही नहीं बनाई गई।
हाईकोर्ट ने कहा कि यदि उम्मीदवारों ने कोर्ट परिसरों की दीवारें गंदी की हैं, तो उन्हें साफ कराने की जिम्मेदारी भी Madhya Pradesh State Bar Council की होगी। अदालत ने यह भी कहा कि उम्मीदवारों से 1.25 लाख रुपये नामांकन शुल्क लिया गया है, इसलिए जरूरत पड़ने पर उसी राशि से सफाई कराई जा सकती है।
हालांकि हाईकोर्ट बार जबलपुर के पूर्व अध्यक्ष डीके जैन द्वारा दायर याचिका वापस लेने के कारण अदालत ने याचिका खारिज कर दी, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की बात जरूर कही। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विपुल वर्धन जैन, सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता अनुभव जैन और बार काउंसिल की ओर से अधिवक्ता सत्यम अग्रवाल उपस्थित रहे।
