जबलपुर। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी की पुनरीक्षण याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में लंबित मानहानि केस से जुड़ा है, जिसमें जारी सम्मन को राहुल गांधी ने चुनौती दी है।
जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकल पीठ ने शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान राहुल गांधी को निर्देश दिया कि वे निचली अदालत की ताजा ऑर्डरशीट्स की प्रमाणित प्रतियां पेश करें। अदालत का मानना है कि इससे यह स्पष्ट होगा कि अब तक मामले में क्या प्रगति हुई है। मामले की अगली सुनवाई मई के दूसरे सप्ताह में तय की गई है।
पनामा पेपर लीक से जुड़ा है पूरा मामला
दरअसल, शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया है। आरोप के अनुसार, वर्ष 2018 में झाबुआ की एक चुनावी रैली में राहुल गांधी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए कथित रूप से आपत्तिजनक बयान दिया था। उन्होंने पनामा पेपर्स लीक का जिक्र करते हुए कहा था कि पाकिस्तान में नवाज शरीफ पर कार्रवाई हुई, लेकिन मध्यप्रदेश में शिवराज और कार्तिकेय के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया। इसी बयान को आधार बनाकर कार्तिकेय ने भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में मुकदमा दायर किया।
निचली अदालत ने जारी किया था समन
एमपी-एमएलए कोर्ट के तत्कालीन स्पेशल मजिस्ट्रेट तथागत याग्निक ने राहुल गांधी के खिलाफ सम्मन जारी किया था। इसी सम्मन को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की है।
राहुल की ओर से तन्खा ने रखीं दलीलें
राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा और अधिवक्ता राजीव मिश्रा ने पक्ष रखा। कोर्ट ने यह भी गौर किया कि निचली अदालत का आदेश 13 दिसंबर 2024 का है और हाईकोर्ट में याचिका 23 मार्च 2026 को दाखिल की गई। यानी इस बीच के समय में केस में क्या हुआ, यह जानना जरूरी है। इसी वजह से हाईकोर्ट ने निचली अदालत की ऑर्डरशीट्स पेश करने कहा है।
