इसी हफ्ते आ सकता है हाईकोर्ट का फैसला
जबलपुर | मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चर्चित सोम डिस्टलरीज लाइसेंस निलंबन मामले पर सोमवार को करीब सवा दो घंटे तक चली अहम सुनवाई के बाद जस्टिस विवेक अग्रवाल की कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि इसी सप्ताह बड़ा फैसला सामने आ सकता है, जिस पर उद्योग और प्रशासन दोनों की नजरें टिकी हैं।
लाइसेंस निलंबन को दी है चुनौती
सोम डिस्टलरीज प्रा. लि. और सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज प्रा. लि. ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 4 फरवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें आबकारी आयुक्त ने उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए थे। कंपनी का आरोप है कि उन्हें सुनवाई का मौका दिए बिना कार्रवाई की गई। आबकारी आयुक्त ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर यह आदेश जारी किया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
अदालत ने किया था अंतरिम राहत से इंकार
सोमवार की सुनवाई में क्या हुआ?
सोमवार को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से: वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ और अधिवक्ता राहुल दिवाकर और राज्य सरकार की ओर से: अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह ने जोरदार दलीलें पेश कीं।करीब सवा दो घंटे तक चली बहस के बाद जस्टिस विवेक अग्रवाल की सिंगल बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
क्यों अहम है यह फैसला?
यह मामला केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य में आबकारी विभाग की कार्रवाई के अधिकार, प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) के पालन और उद्योगों पर प्रशासनिक नियंत्रण की सीमाओं जैसे बड़े सवालों को भी प्रभावित कर सकता है।
