मप्र हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: सुपर स्पेशियलिटी कोर्स के लिए डॉक्टरों को दस्तावेज वापस मिलेंगे
यह फैसला इंदौर की डॉक्टर शिल्पी गर्ग सहित 7 अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनाया गया याचिकाकर्ताओं के कहना था कि उन्होंने सरकारी मेडिकल कॉलेजों से पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) पूरा कर लिया है। अब उनका चयन सुपर स्पेशियलिटी कोर्स में हो चुका है, लेकिन कॉलेज उनके मूल दस्तावेज रोककर बैठे हैं, जिससे प्रवेश में बाधा आ रही है। सुनवाई में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता प्रतीक जैन और राज्य सरकार की ओर से: अतिरिक्त महाधिवक्ता जान्हवी पंडित का पक्ष सुनने के बाद बेंच ने अपना फैसला सुनाया।
राहत देकर हाईकोर्ट ने रखी शर्त
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के दस्तावेज लौटाने के निर्देश तो दिए, लेकिन इसके साथ एक अहम शर्त भी लगाई कि जिस संस्थान में याचिकाकर्ता डॉक्टर सुपर स्पेशियलिटी कोर्स करेंगे, वही संस्थान उनके मूल दस्तावेज सुरक्षित रखेगा और ये दस्तावेज उन्हें ग्रामीण सेवा (Bond Service) पूरी करने के बाद ही वापस मिलेंगे।
सभी छात्रों को मिलेगा फायदा
कोर्ट ने साफ किया कि यह आदेश केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी ऐसे डॉक्टरों पर लागू होगा, जो सुपर स्पेशियलिटी कोर्स में प्रवेश ले रहे हैं। यानी अब डॉक्टरों के सुपर स्पेशलिटी कोर्स के लिए पूरे मध्यप्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों को दस्तावेज लौटाने होंगे।
