हाईकोर्ट ने कहा- दुष्कर्म मामले में जारी रहेगा ट्रायल, पर नहीं सुनाया जाएगा फैसला
जबलपुर। एक युवती से दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद भोपाल के अधिवक्ता यावर खान को मप्र हाईकोर्ट से आंशिक राहत मिली है। जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की अदालत ने कहा है कि ट्रायल कोर्ट में गवाही तो जारी रहेगी, लेकिन बिना हाईकोर्ट की अनुमति के, फैसला नहीं सुनाया जाएगा। मामले से जुड़े कुछ अहम दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर लेने के निर्देश देकर अदालत ने अगली सुनवाई 9 मार्च को दोपहर 12:30 बजे से तय की है।
दुष्कर्म के आरोप में जेल में है यावर खान
अधिवक्ता यावर खान की ओर से यह पुनरीक्षण याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की गई है। दुष्कर्म और पोक्सो के आरोप में उसके खिलाफ भोपाल के अशोका गार्डन थाने में मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार किया गया। इस मामले में भोपाल की ट्रायल कोर्ट द्वारा 10 सितम्बर 2025 को संज्ञान लिए जाने को चुनौती देकर यह पुनरीक्षण याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की गई है।
बोर्ड समय के बाद हुई सुनवाई
बीते बुधवार को मामले की सुनवाई शाम 4:45 बजे के बाद शुरू हुई, जो साढ़े 5 बजे तक चली। यावर खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त, अधिवक्ता निशंक पाल वर्मा और राज्य की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह व उपमहाधिवक्ता ब्रम्हदत्त सिंह हाजिर हुए। वरिष्ठ अधिवक्ता के अनुरोध पर बोर्ड समय के बाद सुनवाई की गई, यह बताते हुए कि आवेदक जेल में है और पेशे से अधिवक्ता है।
आरोपपत्र और डिस्चार्ज आवेदन पर सवाल
सुनवाई के दौरान यावर खान के खिलाफ दायर पूरक आरोपपत्र और प्रारंभिक आरोपपत्र की प्रतियां रिकॉर्ड पर पेश की गईं। ट्रायल कोर्ट द्वारा 21 जनवरी 2026 को डिस्चार्ज आवेदन खारिज करने तथा 27 जनवरी 2026 को आरोप तय करने का उल्लेख किया गया। इस दौरान बेंच ने पूछा कि क्या डिस्चार्ज आवेदन की प्रति भी रिकॉर्ड पर है। इस पर बताया गया कि वह प्रस्तुत नहीं की गई। अदालत ने कहा कि यह जानना जरूरी है कि क्या ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपी के रूप में जोड़े जाने की प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी या केवल सामान्य आधार पर डिस्चार्ज मांगा गया था। अदालत ने हकीकत जानने आवश्यक दस्तावेज रिकॉर्ड पर लाने के निर्देश दिए।
साक्ष्य रिकॉर्डिंग पर रोक से इनकार
वरिष्ठ अधिवक्ता ने अनुरोध किया कि ट्रायल कोर्ट साक्ष्य रिकॉर्ड न करे। इस पर अदालत ने कहा कि केवल साक्ष्य दर्ज होने से आरोपी को कोई पूर्वाग्रह नहीं होगा, विशेषकर जब जमानत आवेदन लंबित है और अन्य वैधानिक उपाय भी खुले हैं। हालांकि, अदालत ने निर्देश दिया कि ट्रायल कोर्ट बिना हाईकोर्ट की अनुमति अंतिम आदेश या निर्णय पारित नहीं करेगा। इस अंतरिम आदेश पर अदालत ने मामले की सुनवाई 9 मार्च 2026 को दोपहर 12:30 बजे करने के निर्देश दिए।
हाईकोर्ट का आदेश देखें CRR-4959-2025
