LAW'S VERDICT

मप्र हाईकोर्ट का सरकार से सवाल: तय तारीख से पहले सिवनी में कैसे बंद हुआ पोर्टल?

जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सिवनी जिले में धान उपार्जन पोर्टल तय समय से पहले बंद किए जाने के मामले में राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने की। कोर्ट ने आरोपों को गंभीर मानते हुए तीन दिनों के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 25 फरवरी को निर्धारित की गई है।

समर्थन मूल्य से वंचित 7 हजार किसान 

 सिवनी जिले के ग्राम नंदोरा निवासी किसान शिवशंकर पटले की जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि सिवनी जिले में किसानों से धान उपार्जन की प्रक्रिया 8 से 13 जनवरी 2026 के बीच होनी थी। लेकिन 8 जनवरी से पहले ही पोर्टल बंद कर दिया गया, जिससे लगभग 7 हजार पंजीकृत किसान समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने से वंचित रह गए।

डिवीजन बेंच ने मांगा जवाब

शुक्रवार को जनहित याचिका पर हुई प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार, नागरिक आपूर्ति निगम के महाप्रबंधक, सिवनी कलेक्टर और जिला आपूर्ति अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

विधायक ने भी उठाया था मामला

याचिका के अनुसार, बरघाट के विधायक कमल मर्सकोले ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर किसानों को राहत देने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सिवनी जिले के ग्राम नंदोरा निवासी किसान शिवशंकर पटले की ओर से यह जनहित याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संजीव कुमार तिवारी पैरवी कर रहे हैं।

अहम सवाल

  • यदि उपार्जन की तिथि 8 जनवरी से थी, तो पोर्टल पहले क्यों बंद हुआ?

  • क्या तकनीकी खामी थी या प्रशासनिक लापरवाही?

  • 7 हजार किसानों को हुए नुकसान की भरपाई कैसे होगी?


Post a Comment

Previous Post Next Post