ASI रिपोर्ट पर 2 हफ्ते में सभी पक्षों को आपत्तियाँ, सुझाव दाखिल करने के निर्देश
इंदौर। धार जिले की भोजशाला से जुड़े विवाद पर Archeological Survey Of India (ASI) की रिपोर्ट पर मप्र हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को आपत्तियां और सुझाव देने कहा है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीज़न बेंच ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक बार ASI की रिपोर्ट खुल चुकी है तो दोबारा उसे खोलना उचित नहीं होगा। बेंच ने सभी पक्षों को रिपोर्ट की प्रतियां उपलब्ध कराने के निर्देश देकर अगली सुनवाई 16 मार्च को तय की है। अब पक्षकारों की आपत्तियों के बाद मामले में आगे की दिशा तय होगी।
संस्कृत शिक्षा का प्रमुख केंद्र था भोजशाला
ASI ने दी थी नमाज की अनुमति
हाईकोर्ट का दोबारा रिपोर्ट खोलने से इंकार
सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील जैन ने कोर्ट को बताया कि ASI की रिपोर्ट पहले ही 4 जुलाई 2024 को पारित आदेश के तहत अनसील कर पक्षकारों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। दोनों पक्षों ने भी इस तथ्य से इंकार नहीं किया। बताया गया कि यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में नहीं लाई जा सकी थी। इस स्थिति में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब रिपोर्ट को दोबारा ओपन कोर्ट में अनसील करने की आवश्यकता नहीं है।
रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश
कोर्ट ने रजिस्ट्री कार्यालय को निर्देश दिया है कि ASI रिपोर्ट को ERP पोर्टल पर अपलोड किया जाए। सभी पक्षकारों को 2 सप्ताह का समय दिया जाए, जिससे वो अपनी आपत्तियाँ, राय, सुझाव और सिफारिशें दाखिल कर सकें। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा 22 जनवरी 2026 को पारित आदेश के पैरा 9.9(v) में दिया गया अंतरिम आदेश यथावत प्रभावी रहेगा।
हाईकोर्ट का आदेश देखें WA-559-2026
