LAW'S VERDICT

हाईटेक ठगी का हाईप्रोफाइल खेल: फर्जी DCP बनी युवती, 45 लाख की साइबर ठगी में जमानत खारिज


स्टेट साइबर सेल ने युवती को किया था कोलकाता से गिरफ्तार 

जबलपुर। डिजिटल अरेस्ट कर 45 लाख रुपये की ठगी के सनसनीखेज मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी युवती को जमानत देने से इनकार कर दिया। फर्जी डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) बनकर जबलपुर के एक व्यक्ति को तीन दिनों तक डिजिटल अरेस्ट करने वाली पश्चिम बंगाल निवासी एक युवती की जमानत अर्जी जस्टिस एस.एन. भट्ट की अदालत में सुनवाई के दौरान वापस ले ली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंगल बेंच ने आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।

यह मामला स्टेट साइबर सेल द्वारा दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता विजय कुमार, निवासी जबलपुर ने साइबर सेल को शिकायत दी थी कि 15 जुलाई 2025 की सुबह एक महिला ने खुद को डीसीपी बताते हुए उसे फोन किया और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का डर दिखाकर उसे डिजिटल अरेस्ट कर लिया। तीन दिनों तक मानसिक दबाव बनाकर आरोपी ने शिकायतकर्ता के बैंक खाते से 45 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

शिकायत के बाद स्टेट साइबर सेल ने जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान कोलकाता निवासी अंकिता नाथ और उसके पति अहमद रज़ा खान के रूप में की। जांच के दौरान 16 अक्टूबर 2025 को साइबर सेल ने अंकिता नाथ को कोलकाता से गिरफ्तार किया, जबकि उसका पति अब भी फरार है।

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान शासन की ओर से पैनल अधिवक्ता हिमांशु तिवारी ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि ठगी की पूरी रकम आरोपी युवती के ही बैंक खाते में ट्रांसफर हुई थी। इसके अलावा आरोपी के पास से बैंक खाते से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।


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