हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी में संशोधन की अनुमति दी; CBI की जांच जारी, पहले धारा 80(2) में FIR, बाद में धारा 108 BNS के तहत बढ़े आरोप
लॉज़ वर्डिक्ट न्यूज़, जबलपुर।
भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा केस में गिरफ्तार पूर्व जज गिरीबाला सिंह की जमानत अर्जी पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान गिरीबाला सिंह की ओर से जमानत आवेदन में संशोधन के लिए पेश की गई अर्जी को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया। वहीं, सीबीआई की ओर से बताया गया कि मामले की जांच अभी जारी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को तय की।
ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़ा है मामला
ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। घटना के बाद पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर BNS की धारा 80(2) के तहत FIR दर्ज की थी। इसी मामले में पुलिस ने पूर्व जज गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद दोनों की ओर से जमानत के लिए अदालत का रुख किया गया।
CBI जांच शुरू होने के बाद बदली धाराएं
मामले की जांच बाद में CBI को सौंप दी गई। जांच अपने हाथ में लेने के बाद आरोपियों के खिलाफ पहले लगाई गई धारा 80(2) के स्थान पर BNS की धारा 108, यानी आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित प्रावधान, लगाया गया। धारा में बदलाव के बाद हाईकोर्ट ने गिरीबाला सिंह के वकील को जमानत आवेदन में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए थे।
हाईकोर्ट ने संशोधन की अर्जी स्वीकार की
गुरुवार को हुई सुनवाई में गिरीबाला सिंह की ओर से जमानत आवेदन में संशोधन के लिए आवेदन पेश किया गया। कोर्ट ने इसे स्वीकार कर लिया। दूसरी ओर, CBI की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले की जांच अभी जारी है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी पर विस्तृत सुनवाई के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय कर दी।
अब 16 अक्टूबर को तय होगी जमानत पर आगे की कार्यवाही
इस तरह पूर्व जज गिरीबाला सिंह को फिलहाल जमानत के मामले में हाईकोर्ट से अंतिम राहत नहीं मिली है। अब 16 अक्टूबर को उनकी संशोधित जमानत अर्जी पर आगे सुनवाई होगी। मामले में CBI की जांच जारी रहने के कारण अगली सुनवाई में जांच की स्थिति और दोनों पक्षों की दलीलें महत्वपूर्ण रहेंगी।
