दुकानों के कारण पार्किंग और आवाजाही प्रभावित होने की शिकायत; हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन को भी पक्षकार बनाने के दिए निर्देश, 21 अक्टूबर को अगली सुनवाई
लॉज़ वर्डिक्ट न्यूज़, जबलपुर |
जबलपुर जिला कोर्ट परिसर के बाहर स्ट्रीट वेंडर्स और अव्यवस्थित पार्किंग से पैदा हो रही समस्याओं को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हालांकि, अदालत ने केवल स्ट्रीट वेंडर्स को हटाने को समाधान मानने से इनकार करते हुए कहा कि समस्या का व्यापक और स्थायी समाधान तलाशना जरूरी है। चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि “सिर्फ स्ट्रीट वेंडर्स को हटा देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। 360 डिग्री वाला फुलप्रूफ प्लान चाहिए।” बेंच ने मामले में जबलपुर बार एसोसिएशन को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि कोर्ट परिसर से जुड़े सभी संबंधित पक्ष अपने सुझाव अदालत के सामने रख सकें। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।
कोर्ट के बाहर दुकानों से बढ़ी परेशानी का आरोप
यह जनहित याचिका एडवोकेट्स सोशल एंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्येन्द्र पाण्डेय की ओर से दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि जबलपुर जिला कोर्ट परिसर के बाहर बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स ने दुकानें लगा रखी हैं। इन दुकानों पर आने वाले लोगों की संख्या भी काफी रहती है। याचिकाकर्ता का कहना है कि दुकान संचालकों और ग्राहकों के वाहनों की पार्किंग के कारण सड़क पर आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती और इससे अव्यवस्था की स्थिति बनती है।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
याचिका में कहा गया है कि इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से शिकायतें भी की गईं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। याचिकाकर्ता ने स्ट्रीट वेंडर्स के खिलाफ कार्रवाई कर कोर्ट परिसर के आसपास व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
हाईकोर्ट ने कहा- सिर्फ हटाना समाधान नहीं
मंगलवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने मामले को व्यापक दृष्टिकोण से देखने की जरूरत बताई। बेंच ने स्पष्ट किया कि केवल स्ट्रीट वेंडर्स को हटाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। अदालत ऐसा 360 डिग्री वाला फुलप्रूफ प्लान चाहती है, जिससे सड़क, पार्किंग, पैदल आवाजाही, वेंडर्स और कोर्ट आने वाले लोगों से जुड़ी समस्याओं का समग्र समाधान निकले।
बार एसोसिएशन से भी मांगे जाएंगे सुझाव
हाईकोर्ट ने माना कि कोर्ट परिसर के बाहर की व्यवस्था का सीधा संबंध अधिवक्ताओं और न्यायिक कामकाज से भी है। इसलिए सभी संबंधित पक्षों की राय लेना जरूरी है। बेंच ने सुझाव दिया कि याचिकाकर्ता बार एसोसिएशन को भी मामले में पक्षकार बनाए, ताकि वह समस्या के समाधान को लेकर अपने सुझाव अदालत के समक्ष रख सके।
21 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
याचिकाकर्ता ने सुनवाई के दौरान स्वयं अपना पक्ष रखा। अदालत के निर्देश के बाद अब मामले में बार एसोसिएशन का पक्ष भी सामने आएगा। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को निर्धारित की है। अब अदालत के समक्ष संबंधित पक्षों के सुझावों के आधार पर कोर्ट परिसर के बाहर की अव्यवस्था के लिए व्यापक समाधान की दिशा में आगे की कार्रवाई होगी।
