LAW'S VERDICT

11 महीने की पगार के लिए 7 साल से इंतजार, हाईकोर्ट का NHM को अल्टीमेटम- ‘काम लिया तो पगार भी दो’

NHM के मिशन डायरेक्टर को 7 दिन में भुगतान का आदेश; पैसा नहीं दिया तो 13 अक्टूबर को खुद कोर्ट में होना पड़ेगा हाजिर

लॉज़ वर्डिक्ट न्यूज़, जबलपुर | 

उमरिया जिले में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत काम कर चुकी एक महिला को करीब सात साल से 11 महीने के वेतन का इंतजार है। मामले को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा—जब कर्मचारी से काम लिया गया है तो उसकी पगार का भुगतान भी किया जाना चाहिए। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने नेशनल हेल्थ मिशन के मिशन डायरेक्टर को सात दिनों के भीतर याचिकाकर्ता के बकाया वेतन का भुगतान करने का निर्देश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि तय अवधि में भुगतान नहीं किया गया तो 13 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई में मिशन डायरेक्टर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा।

11 महीने की पगार के लिए सात साल से इंतजार

मामला उमरिया जिले के नौरोजाबाद के वार्ड नंबर 12 निवासी मेहजबी बेगम की याचिका से जुड़ा है। याचिका के अनुसार मेहजबी बेगम ने नेशनल हेल्थ मिशन में अस्थायी एएनएम के रूप में सेवाएं दी थीं। उन्हें 27 फरवरी 2019 को पाली के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ने पद से हटा दिया था। याचिकाकर्ता का कहना है कि उसने अप्रैल 2018 से फरवरी 2019 तक काम किया, लेकिन इस अवधि का वेतन उसे नहीं मिला।

आवेदन देती रहीं, भुगतान फिर भी नहीं हुआ

याचिका में बताया गया कि बकाया वेतन के भुगतान के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष कई बार आवेदन किए गए, लेकिन इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया। वेतन नहीं मिलने के बाद मेहजबी बेगम ने वर्ष 2019 में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसके बावजूद मामला लंबे समय तक लंबित रहा और करीब सात साल बाद अब अदालत ने भुगतान को लेकर सख्त रुख अपनाया है।

हाईकोर्ट ने कहा- सेवा ली है तो वेतन देना होगा

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस विवेक अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यदि याचिकाकर्ता ने अपनी सेवाएं दी हैं, तो उसे उसके काम का भुगतान मिलना चाहिए। अदालत ने NHM के मिशन डायरेक्टर को स्पष्ट समयसीमा देते हुए सात दिन में बकाया वेतन का भुगतान करने का निर्देश दिया।

भुगतान नहीं किया तो मिशन डायरेक्टर की पेशी

हाईकोर्ट ने आदेश के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए सख्त शर्त भी लगा दी है। अदालत ने कहा कि यदि सात दिन में भुगतान नहीं किया गया तो 13 अक्टूबर की अगली सुनवाई में मिशन डायरेक्टर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित रहना होगा। इस आदेश के बाद अब मिशन डायरेक्टर के समक्ष बकाया वेतन के भुगतान की समयसीमा बेहद कम रह गई है।

2019 से चल रही कानूनी लड़ाई

मेहजबी बेगम की ओर से मामले में अधिवक्ता गौरव माहेश्वरी ने पक्ष रखा। सुनवाई के बाद अदालत ने मिशन डायरेक्टर को सशर्त निर्देश जारी करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 13 अक्टूबर तय की है।


हाईकोर्ट का आदेश देखें      WP-17921-2019

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