हाईकोर्ट में दाखिल PIL में आरोप, ट्रेनों और स्टेशनों पर जवाबदेह इमरजेंसी सिस्टम बनाने की मांग, नोटिस जारी
याचिकाकर्ता ने मांग की है कि इंडियन रेलवे मेडिकल मैनुअल (IRMM) और रेलवे बोर्ड के सर्कुलर केवल कागजों तक सीमित न रहें। ट्रेनों और स्टेशनों पर एक 'जवाबदेह इमरजेंसी रिस्पांस मैकेनिज्म' बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी और का पिता सिस्टम की इस 'चुप्पी' और 'लापरवाही' के कारण दम न तोड़े। मामले पर सोमवार को हुई प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रोहन हर्णे ने दलीलें रखीं। सुनवाई के बाद बेंच ने कहा कि चाही गई राहत में से मुआवजा की राहत हटाकर याचिकाकर्ता नई याचिका 3 दिन में दाखिल करे। उस संशोधित याचिका पर केन्द्र सरकार और रेलवे विभाग अपने-अपने जवाब दाखिल करें।
बड़ा सवाल: जब करोड़ों के विज्ञापन और हाई-स्पीड ट्रेनों का दावा किया जाता है, तो क्या ₹139 के टैक्स में यात्री की जान की कीमत शामिल नहीं है?
