LAW'S VERDICT

हाईकोर्ट ने पूर्व महापौर प्रभात साहू के हेलमेट विवाद की जांच STF को सौंपी

लार्डगंज थाने के टीआई की निष्पक्षता पर कोर्ट ने उठाए सवाल

जबलपुर | मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर के बल्देवबाग क्षेत्र में पूर्व महापौर प्रभात साहू और पुलिसकर्मियों के बीच हुई कथित झड़प से जुड़े मामलों से जुडी दोनों एफआईआर की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (STF), जबलपुर को सौंप दी है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने माना है कि लार्डगंज पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की ।   

क्या है पूरा मामला?

याचिकाकर्ता श्री मोहित वर्मा, जो स्वयं पेशे से अधिवक्ता हैं, ने जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया कि 18.09.2025 को रूटीन ट्रैफिक चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट दोपहिया चला रहे प्रतिवादी क्रमांक-4 प्रभात साहू को एक पुलिस कर्मी ने रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान एक्स-मेयर ने पुलिसकर्मी से झगड़ा, गाली-गलौज की, खुद को पूर्व मेयर बताते हुए समर्थकों को मौके पर बुलाया, जिससे भीषण ट्रैफिक जाम हुआ और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट भी हुई।

क्रॉस FIR और जांच पर सवाल 

याचिका के अनुसार, एक्स-मेयर की शिकायत पर क्राइम नंबर 525/2025 एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ दर्ज हुआ। वहीं पुलिसकर्मी की शिकायत पर एफआईआर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई। कोर्ट ने दोनों मामलों की केस डायरी और मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद कहा कि दोनों एफआईआर में निष्पक्ष और उचित जांच नहीं हुई प्रतीत होती है।

कोर्ट के निर्देश 

क्राइम नंबर 525/2025 और 526/2025 की जांच STF, जबलपुर को सौंपी गई। STF के जांच अधिकारी को अगली तारीख तक सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश। मामले की अगली सुनवाई 17.02.2026 को होगी। कोर्ट में प्रस्तुत केस डायरी की प्रतियां राज्य के अधिवक्ता को वापस की गईं।

कोर्ट में उपस्थिति

  • सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने अपनी दलीलें खुद रखीं। वहीं केस डायरी लेकर लॉर्डगंज थाना के T.I.  नवल आर्य और S.I.  लेखराम नडोनिया व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में मौजूद रहे। वहीं नोटिस तामील होने के बाद भी पूर्व महापौर प्रभात साहू की और से कोई उपस्थित नहीं हुआ

WP-41356-2025

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