चीनी नायलॉन मांझा पर इंदौर हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती, संज्ञान लेकर दर्ज की जनहित याचिका
इंदौर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने चीनी नायलॉन धागे (मांझा) के अवैध बिक्री व उपयोग से हो रही दुर्घटनाओं और मौतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को व्यापक नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीज़न बेंच ने यह आदेश मकर संक्रांति के दौरान बढ़ती घटनाओं के मद्देनज़र स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) जनहित याचिका में पारित किया गया।
मामले में अदालत मित्र (एमिकस क्यूरी) कस रूप में हाजिर वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक शरण और उनके साथ आकाश शर्मा ने न्यायालय को अवगत कराया कि पूर्व आदेशों के बावजूद हादसे जारी हैं। वहीं राज्य की ओर से उप महाधिवक्ता सुदीप भार्गव ने बताया कि प्रतिबंध लागू होने के बाद भी चीनी मांझे की अवैध बिक्री और उपयोग हो रहा है।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 11 जुलाई 2017 को नायलॉन/सिंथेटिक मांझा के निर्माण, भंडारण, बिक्री, खरीद और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसके अनुपालन में मध्य प्रदेश सरकार ने 29.06.2016 को राज्यस्तरीय प्रतिबंध आदेश भी जारी किया था, इसके बावजूद उल्लंघन चिंताजनक है।
हाईकोर्ट के नीतिगत ढांचा तैयार करने के आदेश
A. पीड़ितों को मुआवजा नीति
दुर्घटना/मृत्यु की स्थिति में पीड़ित या परिजनों के लिए स्पष्ट मुआवजा नीति बनाई जाए।
B. जब्त सिंथेटिक मांझा का सुरक्षित निस्तारण
इसे खतरनाक प्लास्टिक कचरा मानते हुए पुलिस मालखानों में अनिश्चितकाल तक न रखा जाए और खुले में न जलाया जाए। औद्योगिक इंसीनरेटर या अधिकृत प्लास्टिक रीसाइक्लिंग इकाइयों में, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समन्वय से निस्तारण हो।
C. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर रोक
साइबर सेल को निर्देश कि मकर संक्रांति से पहले प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (जैसे Amazon, Flipkart) और बी2बी प्लेटफॉर्म (IndiaMART) को नोटिस देकर जियो-फेंसिंग सुनिश्चित कराई जाए, ताकि मध्य प्रदेश के किसी भी पिन-कोड पर नायलॉन/सिंथेटिक मांझा की डिलीवरी न हो।
D. गुप्त सूचना पर इनाम योजना
निर्माण, भंडारण, बिक्री या उपयोग से संबंधित ठोस सूचना देने वाले नागरिकों के लिए सीक्रेट रिवॉर्ड स्कीम लागू की जाए।
E. परिवहन एजेंसियों के लाइसेंस पर कार्रवाई
अंतरराज्यीय सप्लाई में लिप्त पाए जाने पर ट्रांसपोर्टर/कूरियर एजेंसी के ट्रेड लाइसेंस/परमिट निलंबित किए जाएं।
F. अग्रिम एवं सतत कार्रवाई
हर वर्ष त्यौहार से काफी पहले प्रतिबंध का कड़ाई से क्रियान्वयन, बाजार में निगरानी और प्रिंट/सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जागरूकता और दंडात्मक प्रावधानों की जानकारी।
मुख्य सचिव को समन्वय का दायित्व
अदालत ने निर्देश दिया कि राज्य के मुख्य सचिव विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर इन सुझावों को नीति/योजनाओं का रूप दें और अंतरिम आदेशों का सख्ती से पालन जारी रखें।
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