फर्जी फर्म और दस्तावेजों के इस्तेमाल से करोड़ों के लेन-देन का आरोप, एसआईटी की जांच और मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत का फैसला
लॉज़ वर्डिक्ट न्यूज़, जबलपुर।
ऑनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और कथित फर्जी फर्मों के जरिए 11.94 करोड़ रुपये के लेन-देन से जुड़े मामले में आरोपी हिमांशु सोमवानी को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने कटनी निवासी आरोपी की दूसरी जमानत याचिका भी खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति अमित लाहोटी की एकलपीठ ने मामले में शामिल बड़ी धनराशि और विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर से की जा रही विस्तृत जांच को ध्यान में रखते हुए यह आदेश पारित किया। आरोपी पर शिकायतकर्ता के आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो का कथित रूप से दुरुपयोग कर उसकी जानकारी के बिना फर्म और बैंक खाता खुलवाने का आरोप है।
शिकायतकर्ता के दस्तावेजों से फर्म खोलने का आरोप
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता ओम प्रकाश उर्फ ओ.पी. बर्मन ने 30 मार्च 2026 को कटनी के कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि हिमांशु सोमवानी ने उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो का इस्तेमाल कर उनकी जानकारी और सहमति के बिना ‘कटनी कंप’ नाम से एक फर्म खुलवाई। आरोप है कि इस फर्म के नाम पर खोले गए बैंक खाते का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़े लेन-देन के लिए किया गया।
बैंक खाते में 11.94 करोड़ रुपये का लेन-देन
जांच के दौरान सामने आया कि 2 फरवरी 2025 से 1 अप्रैल 2026 के बीच संबंधित बैंक खाते में करीब 11.94 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ। इतनी बड़ी राशि के लेन-देन और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के कारण मामला जांच एजेंसियों के लिए गंभीर बना हुआ है। मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है।
पहली जमानत अर्जी खारिज होने के बाद लगाई दूसरी याचिका
आरोपी को 9 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसने जमानत के लिए पहली याचिका दाखिल की थी, जिसे 22 जून 2026 को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में दूसरी जमानत याचिका प्रस्तुत की। मामले की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता चंद्रकांत मिश्रा ने पैरवी की।
मामले में 11.94 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन और एसआईटी की जारी जांच को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी की दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी।
हाईकोर्ट का आदेश देखें MCRC-40126-2026
