LAW'S VERDICT

पासपोर्ट रिन्युअल रोकने पर हाईकोर्ट सख्त: क्रिमिनल केस पेंडिंग या जमानत पर होने मात्र से नहीं रोक सकते पासपोर्ट

मप्र हाईकोर्ट का बड़ा फैसला- निचली अदालत का आदेश खारिज, ट्रायल कोर्ट को NOC जारी करने के निर्देश; विदेश जाने से पहले लेनी होगी कोर्ट की अनुमति

लॉज़ वर्डिक्ट न्यूज़, जबलपुर। 

आपराधिक मामले के लंबित होने या आरोपी के जमानत पर रहने मात्र से पासपोर्ट रिन्युअल रोकना उचित नहीं है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की प्रिंसिपल बेंच ने पासपोर्ट नवीनीकरण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में यह फैसला सुनाया है। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने निचली अदालत का आदेश निरस्त करते हुए ट्रायल कोर्ट को अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के निर्देश दिए हैं।

क्रिमिनल केस का हवाला देकर पासपोर्ट रिन्युअल से इनकार नहीं

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला लंबित होना अथवा उसका जमानत पर होना, अपने आप में पासपोर्ट के नवीनीकरण से इनकार करने का आधार नहीं हो सकता। हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यदि याचिकाकर्ता को विदेश यात्रा करनी है, तो उसे पहले संबंधित ट्रायल कोर्ट से अनुमति प्राप्त करनी होगी।

दमोह के व्यापारी ने हाईकोर्ट में दी चुनौती

यह फैसला दमोह के व्यापारी तरनदीप सिंह होरा की याचिका पर सुनाया गया। उनके खिलाफ पन्ना जिले के पवई थाने में आपराधिक मामला दर्ज है। इस मामले में हाईकोर्ट ने उन्हें 5 अगस्त 2025 को जमानत प्रदान की थी। इसी दौरान उनका पासपोर्ट समाप्त होने वाला था। उन्होंने पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए पासपोर्ट कार्यालय में आवेदन किया।

पासपोर्ट ऑफिस ने मांगी थी ट्रायल कोर्ट की NOC

पासपोर्ट कार्यालय ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि चूंकि वह एक आपराधिक मामले में आरोपी है, इसलिए उसे सक्षम न्यायालय से NOC लेकर प्रस्तुत करनी होगी। इसके बाद याचिकाकर्ता ने ट्रायल कोर्ट का रुख किया। लेकिन 2 सितंबर 2026 को निचली अदालत ने NOC जारी करने से इनकार कर दिया। इस आदेश को चुनौती देते हुए तरनदीप सिंह होरा ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

हाईकोर्ट ने निचली अदालत का आदेश किया निरस्त

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शुभम ठाकुर ने अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की अदालत ने निचली अदालत के आदेश को निरस्त कर दिया। अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता के पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करे।

विदेश जाने के लिए फिर भी कोर्ट की अनुमति जरूरी

हाईकोर्ट ने पासपोर्ट रिन्युअल और विदेश यात्रा के अधिकार को अलग-अलग पहलुओं के रूप में स्पष्ट किया। अदालत ने NOC जारी करने का निर्देश दिया है, लेकिन यदि याचिकाकर्ता विदेश यात्रा करना चाहता है, तो उसे संबंधित ट्रायल कोर्ट से पूर्व अनुमति प्राप्त करनी होगी।


हाईकोर्ट का आदेश देखें        MCRC-45515-2026

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