LAW'S VERDICT

बंद ट्रैफिक सिग्नलों पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार ने सुझाए 5 विशेषज्ञों के नाम; अब कोर्ट करेगा कमेटी का चयन

जबलपुर की बदहाल यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए बनेगी एक्सपर्ट कमेटी, सरकार ने सदस्यों के बायोडाटा पेश किए; 13 अक्टूबर को अगली सुनवाई

लॉज़ वर्डिक्ट न्यूज़, जबलपुर।

जबलपुर शहर की बदहाल यातायात व्यवस्था, बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नलों और सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने विशेषज्ञ समिति के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। सोमवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने एक्सपर्ट कमेटी के लिए पांच विशेषज्ञों के नाम और उनके बायोडाटा कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए। अब हाईकोर्ट इन नामों पर विचार कर समिति के सदस्यों का चयन करेगा। चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के उद्देश्य से विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

ट्रैफिक सिग्नलों की बदहाली पर जनहित याचिका

जबलपुर की यातायात व्यवस्था में अव्यवस्था, खराब पड़े ट्रैफिक सिग्नलों और सड़कों पर अतिक्रमण को लेकर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपाण्डे और समाजसेवी रजत भार्गव ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में शहर के यातायात प्रबंधन की खामियों को चुनौती देते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय पैरवी कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार का पक्ष उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने रखा।

हाईकोर्ट ने पहले ही दिया था 3E फार्मूले पर जोर

इस मामले में 9 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की डिवीजन बेंच ने प्रभावी यातायात प्रबंधन के लिए 3E फार्मूले पर सक्रिय रूप से अमल करने की आवश्यकता बताई थी। कोर्ट ने यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए तीन प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया था—

1. ट्रैफिक इंजीनियरिंग (Traffic Engineering): सड़कों और ट्रैफिक सिग्नलों की तकनीकी संरचना में सुधार करना, ताकि यातायात का प्रवाह व्यवस्थित हो सके।

2. ट्रैफिक एजुकेशन (Traffic Education): आम नागरिकों और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना, जिससे सड़क सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित हो।

3. ट्रैफिक एनफोर्समेंट (Traffic Enforcement): यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी और सख्त कार्रवाई करना।

सरकार ने पेश किए पांच विशेषज्ञों के नाम

राज्य सरकार की ओर से एक्सपर्ट कमेटी के लिए जिन पांच व्यक्तियों के नाम और बायोडाटा प्रस्तुत किए गए, वे हैं—

  1. राजीव चांडक – प्रिंसिपल, गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज।
  2. अशोक शुक्ला – सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक)।
  3. इशिता शेखावत – शहरी यातायात विशेषज्ञ।
  4. अनुज जायसवाल – एसोसिएट प्रोफेसर, मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT)।
  5. अंकुर खरे – स्मार्ट सिटी के डेटा एवं इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) विशेषज्ञ।

अब हाईकोर्ट तय करेगा समिति की संरचना

सरकार द्वारा नाम प्रस्तुत किए जाने के बाद अब हाईकोर्ट इन विशेषज्ञों की योग्यता और अनुभव पर विचार करेगा। समिति का उद्देश्य जबलपुर की यातायात व्यवस्था में मौजूद तकनीकी, प्रशासनिक और व्यवहारगत समस्याओं की पहचान कर सुधार के उपाय सुझाना होगा। अगली सुनवाई में समिति के गठन की दिशा में आगे की कार्यवाही होने की संभावना है। शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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